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श्री राणीसतीजी विद्यालय का इतिहास


माँ भगवती की असीम अनुकम्पा से झुन्झुनूं शहर में नारी शिक्षा के क्षेत्र में क्रान्ति के सूत्रपात के रूप में श्री राणी सतीजी प्राथमिक विद्यालय सन् 1955 में स्थापित हुआ। इस समय बालिका शिक्षा को हतोत्साहित किया जाता था। समाज में स्त्री शिक्षा को हेय दृष्टि से देखा जाता था। ऐसे वातावरण में वर्ष 1955 श्री राणी सती मन्दिर के अधीन प्राथमिक विद्यालय की स्थापना की गई ।

विद्यालय प्राणपन में उपस्थित महानुभाव - श्री शिवचदंराय जी झुन्झुनवाला, बिहारीलाल जी तुलस्यान, श्री रामनिवासजी झुन्झुनवाला, श्री भोलाराम जी पाटोदिया एवं मन्दिर के ट्रस्टीज चेयरमैन श्री दुर्गाप्रसाद जी झुनझुनवाला।

विद्यालय के श्री गणेश में श्रीमती कृष्णा देवी सक्सेना का विषेष योगदान रहा। श्रीमती सक्सेना ने श्रीमती लीलावती जी के साथ घर-घर जाकर प्रथम वर्ष मे बालिकाओं को विद्यालय भेजने के लिए भागीरथ प्रयास किए, जिसके परिणाम स्वरूप 25 छात्र-छात्राओं से विद्यालय प्रारम्भ हुआ।

इस समय प्रवेश के लिए शुल्क राशि मात्र 1 रूपया व श्रीफल ही लिया गया था। आज भी उसी परम्परा का अनुसरण करते हुए विद्यालय द्वारा छात्राओं से मात्र 5 रूपये पंजीयन शुल्क लेकर निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है। वर्तमान में 324 छात्रायें अध्ययनरत है व प्रधानाध्यापिका सहित 7 अध्यापिकाएं कार्यरत हैं।

वर्ष 2011 में राजकीय अनुदान बंद होने के बाद विद्यालय का वेतन आदि का समस्त व्यय मंदिर से वहन किया जाता हैं।


  

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